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Definitional Dictionary of Surgical Terms (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Macroglossia

बृहत् जिह्वा
जिह्वा की बिना दर्द के चिरकारी वृद्धि। इसके कारण लसीका वाहिकार्बुद (lymphangioma), रक्तवाहिकार्बुद (haemangioma), तंत्रिकातंतु अर्बुदता (neurofibromatiosis) तथा अवटुवामन सूक्ष्मजिह्वा (microglosia of cretins) हो सकते हैं। बढ़ी हुई अनावरित (exposed) जिह्वा में संक्रमण भी हो सकता है तथा चोट भी लग सकती है।

Madelung’S Deformity

मैडेलंगस विरूपता
कलाई (मणिबंध-wrist) की विरूपता, जिसमें (1) स्नायु की शिथिलता (laxity of ligament) के साथ-साथ कलाई की आगे की ओर अपूर्ण संधि-च्युति (subluxation); (2) अन्तःप्रकोष्ठिकास्थि की पीछे की तरफ को अपूर्ण संधि च्युति तथा; (3) बहिःप्रकोष्ठिकास्थि की बढ़ी हुई वक्रता (घुमाव-curvature) और अन्तः- प्रकोष्ठिकास्थि की संधिच्युति (dislocation) शामिल है। यह विरूपता निचली बहिः प्रकोष्ठिकास्थि के अधिवर्ध की वृद्धि के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है। पीठ के उपरी भाग, कंधो तथा गर्दन पर सार्वदेहिक समरुप वसीय ऊतकों का जमाव होता है।, यदि अशक्तता (disability) बहुत अधिक है तो कलाई के कार्यों तथा विरुपता में ञपरेशन के द्वारा सुधार किया जा सकता है।

Maffucci’S Syndrome

मेफुसीस संलक्षण
इस अवस्था में उपास्थि दुर्विकसन (dyschondroplasia) के साथ साथ गहरी रक्त वाहिकार्बुद (cavernous haemangioma) तथा शिराशोथ (phlebitis) हो जाते हैं।

Malignant Melanoma

दुर्दम मैलेनोमा
यह त्वचा (खाल-skin) का अत्यधिक दुर्दम उपकला कार्सिनोमा है। यह एकवर्णयुक्त एवं दुर्दम केशिकार्वुद रूप में जाना जाता है, वह पहले से ही मौजूद तिल या मोल में हो सकता है। यह क्षेत्रीय लसीका पर्वों तथा रक्त प्रवाह के द्वारा फैलता है। आंख का मैलेनिन-अर्बुद अक्सर यकृत् (liver) में फैल जाता है, इसलिए एक पुरानी कहावत प्रसिद्ध है कि आंखों पर चश्मा, बाल और बढे हुये जिगर वाले आदमी से बचो। विस्तृत उच्छेदन या अंगोच्छेदन (amputation) तथा क्षेत्रीय लसीका पर्वो का सामूहिक विच्छेदन इस रोग की चिकित्सा है।

Malignant Tumor

दुर्दम अर्बुद
अर्बुद का वह दुश्चिकित्स्य प्रकार, जिसके कारण प्रायः मृत्यु हो सकती है।

Malignant Tumour Of The Stomach

आमाशय के दुर्दम अर्बुद
ये अर्बुद अधिकतर कार्सिनोमा होते हैं हालांकि कभी-कभी सार्कोमा भी पाये जाते हैं। कार्सिनोमा आमाशय की दीवाल (भित्ति) में ग्रन्थि कार्सिनोमा (adenocarcinoma) के रूप में होते हैं जो व्रण (ulcer), प्रफलनी पिण्ड (proliferative mass) या विसरित अंतःस्यंदन (diffuse infiltration) के जैसे होते हैं जैसे कि चर्मिल आमाशय (leather bottle stomach)। आमाशय के ग्रसित भाग को लसीका निकास (lymphatic drainage) के साथ काट कर निकाल देना ही इसकी चिकित्सा है।

Malognacy

दुर्दमता
अर्बुद कोशिकाओं की और अधिक घातक बनने की प्रवृत्, जिसके कारण मृत्यु हो सकती है।

Malunion

कुसंयोग
यह अस्थि भंग (हड्डी या टूटना) का सामान्य उपद्रव है जिसमें हड्डी के अलग-अलग टुकड़े (अस्थि खण्ड- fragments) विरूपता (deformity) की स्थिति में जूड़ जाते हैं अर्थात् हड्डी एक सी न जुड़ कर ऊंची नीची जुड़ जाती है। गलत जुड़ने का कारण या तो अस्थि भंग की उपेक्षा या इसके इलाज में असावधानी करना है या अपूर्ण पुनःस्थापन (फिर से अपनी जगह पर बैठाना-reduction) है। इससे काम करने में गड़बड़ी होती है। कुसंयोजित अस्थिभंग की चिकित्सा करने में या तो उसको वैसा ही रहने दिया जाता है या यदि अधिक अशक्ती (disabiltiy) न हो तो भौतिक चिकित्सा (physiotherapy) की जाती है अन्यथा इसकी चिकित्सा विवृत पुनःस्थापना (open reduction) या अस्थि-विच्छेदन (ostoetomy) द्वारा की जाती है।

Mammoplasty

स्तन-संधान
शस्त्रकर्म द्वार स्तन का पुनःनिर्माण।

Mammary Gland

स्तन ग्रंथि
स्तनपायियों स्थित ग्रंथि जो मादा में शिशुओं के पोषण के लिए दूध उत्पन्न करती है। इसकी वृद्धि तथा क्रिया हार्मोनों पर निर्भर होती है।

Mandible

अधोहनु
मुँह का एक जोड़ी उपांग, जो अधो भाग में स्थित है।

Marble Bone

अस्थि-प्रस्तरता
यह बहुत कम पाया जाने वाला परिवारिक विकार है जो पैदा होते समय या पैदा होने के ठीक बाद देखा जाता है। वयस्कों में पहला संकेत अत्यधिक अरक्तता (severe anaemia) है जो रक्तोत्पादी या रक्त बनाने वाली मज्जा (haemopoietic marrow) की कमी हो जाने के कारण देखी जा सकती है।

Marjoilin’S Ulcer

मार्जेलिन व्रण
यह एक पट्टकी कोशिका कार्सिनोमा है जो एक व्रण-चिह्न (scar) में विकसित होता है। यह धीरे धीरे बढ़ता है तथा यह क्षेत्रीय लसीका का पर्वो में उस समय तक विक्षेप (metastasis) करता है जब तक कि विक्षति सामान्य त्वचा तक को आक्रान्त नहीं कर लेती।

Marrow

मज्जा
हड्डियों के बीच की गुहा को भरने वाला वाहिकीय ऊतक, जिसमें रक्ताणु तथा कुछ श्वेताणु उत्पन्न और परिवर्धित होते हैं।

Mastectomy

स्तन-उच्छेदन स्तनोच्छेदन
ऑपरेशन के द्वारा स्तन को काट कर निकाल देना।

Metacarpal

करभिका, मेटाकार्पल, पाणिशालकीय
चतुष्पाद कशेरूकियों के हाथ में करमों (कार्पेल) तथा अंगुलस्थियों के बीच की हड्डियां जैसे मनुष्य में हथेली की पांच हड्डियां।

Maxillary Teeth

ऊर्ध्वहनु दंत
मुख के भीतरी किनारे पर ऊर्ध्व भाग में स्थित दांत जो आहार को पकड काटने और चबाने में काम आते हैं।

Mediastinotomy

मध्यस्थानिका-छेदन
शस्त्रकर्म द्वारा मध्यस्थानिक का निरावरण (खोलना-exposure) करना। यह ऑपरेशन अर्बुद (tumour) को निकालने तथा परिहृद (pericardium) के अग्र भाग को विवृत करने के लिये किया जाता है।

Megacolon

महाबृहदांत्र
बड़ी आंत का फैल जाना (बृहदांत्र विस्फार) नैदनिक रूप से इसके दो प्रकार होते हैं (1) जन्मजात महाबृहदांत्र (congenital megacolon) पैदायशी बड़ी आंत का बढ़ जाना, (2) अर्जित महाबृहदांत्र (aquired megacolon) बाद में किसी कारण से उत्पन्न। पैदायशी महाबृहदांत्र बच्चे के पैदा होते समय से ही देखने को मिलता है। शिशु जातविष्ठा (meconium) नहीं कर पाता, अर्थात् उसको मल त्याग नहीं हो पाता। यह अवस्था बड़ी आंत के एक टुकड़े में तंत्रिका पेशी असमंजन (neuromuscular incordination) के फसस्वरूप, जहां पर तंत्रिका जालिका (nerve plexus) अनुपास्थित (गैरहाजिर) होती है, भी हो सकती है। निकटस्थ हिस्से में विस्फार (फैलाव-) होता रहता है। चिकित्सा के लिये शस्त्रकर्म द्वारा बिना गंड़िका वाले हिस्से (aganglionic segment-अंगडकीय खण्डांश) को काट कर निकाल दिया जाता है।

Melanoma (Mole)

मैलेनिन कोशिका (तिल)
यह मैलेनिन वर्णकित कोशिकाओं का अर्बुद है; अर्बुद तीन प्रकार का होता है – (1) संगमी (junctional) (2) मिश्रित तथा (3) त्वचीय न्यच्छ (dermalnevus)। यह त्वचा में निकालता है लेकिन नखशय्या के नीचे तथा नेत्र के रंजित पटल (choroid of the eye) में भी देखा जाता है। संगमि प्रकार के अर्बुद के दुर्दम (malignant) हो जाने की सम्भावना रहती है। चिरकारी क्षोभ के कारण कुछ क्षेत्रों में मैलेनिन-कोशिका-अर्बुद दुर्दम हो जाते हैं; उदाहरण के रूप में शिरोवल्क (scalp) तथा पादताल में। यदि तिल (mole) के रोम समाप्त हो जाते हैं और वह बड़ा होने लगता है या उसमें रक्तस्राव होने लगता है तो उसको काटकर निकाल देना चाहिये ताकि उसमें दुर्दम परिवर्तन न होने पाएं। यह सुदम और दुर्दम दोनों हो सकता है। दुर्दम अर्बुद जल्दी ही बढ़ती है और दूर दूर तक, खास तौर पर, रक्त प्रवाह के जरिए फैलता है। काफी व्यापक हिस्सा काट कर निकाल देना (विस्तृत उच्छेदन wide excision), अंगोच्छेदन तथा रसायन चिकित्सा इस बीमारी का इलाज है।
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